Super Man
By Zarana Khamar
बचपन में जब चोट लगती थी,
तब कहा जाता था “BE A MAN”
दर्द तो तुम्हे भी उतना ही होता होगा
ज़िम्मेदारिओ का बोज उठा के ,
बिना थके पूरा दिन काम पे जाते हो
बच्चोकी याद तो तुम्हे भी आती होगी
Jealousy नहीं फील होती तुम्हे कभी,
जब सारे लोग माँ की ममता की इतनी तारीफ़ करते है ?
चुपचाप से खुद के सारे शोख sacrifice कर के
सब की ज़रूरतें कैसे पूरी कर लेते हो
खुद के फ़ोन में रिचार्ज करवाने के पैसे नहीं,
Friends से बात करने के लिए missed call देते हो
तो फिर girlfriend की बर्थडे पर
Big वाला TeddyBear कैसे लाते हो
छोटी Sister को परेशान बहोत करते हो,
मम्मी से खूब शिकायत भी करते हो
फिर जब कोई उसकी तरफ आँख उठा कर भी देखे
तो ढाल बन कर कैसे खड़े रहते हो
सपने और दिल तो तुम्हारे भी टूटे होंगे ,
किसी दिन रोनेका मन भी किया होगा
जानते है कितना मुश्किल रहा होगा एक ऐसा कंधा मिलना
जिस पर सर रख कर तुम जी भर के रो सको
तो फिर ऐसे Super Man बन के कैसे जी लेते हो
#तुम भी Special हो सकते हो
By Zarana Khamar

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