Shaadi Shuda Jodo Ka Safar
Updated: Jul 29, 2025
By Deepak Kumar Agrawal
वक़्त बिना रुके सफर कर रहा था,
प्यार आपस में एक दूजे को ढूंढ रहा था।
ज़िन्दगी भले ही अलग थी दोनों की,
पर उनकी कहानी खुद
खुदा लिख रहा था।
(चलिए इसी के साथ खुदा द्वारा रचित इस अनोखे जोड़े की गृहस्थ कहानी को सफर में पिरो कर आप सबको दिखाया जाए।)
खिल चुके थे फूल,
प्यार के उस बागान में,
बंधन में जो बंधे थे,
दो हंस एक दूसरे के प्यार में।
(चलिए अब एक अनोखे शादी को वापस दौराहते हैं,जिसको देखने का सौभाग्य हमे पहले प्राप्त नहीं हुआ था।)
प्यार तो सिर्फ शुरुआत था,
कुछ दिनों का मेहमान था।
कटते दिनों के साथ,
मेरा हाल अब बन गया बेहाल था।
(चलिए अब देखते हैं कैसे बिदते समय के साथ-साथ जब प्यार में नोक-झोक ने भी अपनी जगह बना ली)
नोक-झोक का सिलसिला तो चलते रहेगा,
वरना प्यार बढ़ेगा कैसे।
लड़ाई तो सफर का टुकड़ा हैं,
वरना ज़िन्दगी कटेगा कैसे।
(काफी अनोखा सफर इन्होंने तय किया हैं न,
जहाँ सिर्फ टकरार नही थी,
बल्कि इन्होंने तो अपनी कहानी
एक ऐसे धागे से पिरोई थी,
जिसे झगड़ो की कैची छू भी नही सकती।
दोनों ने लंबे समय तक एक दूसरे का हाथ बस थामा नही था,
बल्कि यह प्रतिज्ञा भी ली थी कि
भले ही खुदा ने हमारी ज़िन्दगी रची ह
By Deepak Kumar Agrawal

Comments