Sath Ki Subah
Updated: Aug 2, 2025
By Dharmendra Bharti
हल्की सी ठंड वाली मखमली सी सुबह,
मैंने कंबल ओढ़ा है तूने स्वेटर पहना है,
एक बर्तन में साथ पोहे बांटने वाली सुबह,
पोहे में कम तीखा हो ये ध्यान रखने वाली सुबह,
तुझे पोहे में नींबू पसंद है ये याद रखने वाली सुबह,
इसके बाद कम चीनी की चाय बांटने वाली सुबह,
सड़क किनारे उगता सूरज साथ देखने वाली सुबह,
नागौर की भोर में तेरी मेरी नागौरी वाली सुबह,
मैं गांव का बरगद सा, तू बनी ठनी गांव वाली सुबह,
भैया इनकी चाय में अदरक मत डालना,
भगवान जैसे मेरा ख्याल रखने वाली सुबह,
अब तेरी पसंद का परांठा बन रहा है ,,,
पासमेंकोईहमारीकहानीलिखनेवालीसुबह।
By Dharmendra Bharti

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