Samay
By Bhavay Goyal
भाई,
छोटी सी रुकावट से क्यों डरता है,
योद्धा भी तो जंग जीतने से पहले कितनी बार लड़ता है।
छोटी से नाकामयाबी से क्यों मन मारता है,
खिलाड़ी भी तो जीतने से पहले कितनी दफ़ा हारता है।
सालों की मेहनत का रंग रातों रात ही ढलता है,
समय आने पर पल भर में समय बदलता है
और दौर बदलने के लिए थोड़ा समय तो लगता है।
By Bhavay Goyal

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