Safar Ek Fauji Ka
Updated: Jul 29, 2025
By Nikita Gupta
ऐ देश के पहरेदार, तुझे सलाम ।
ऐ मातृ भूमि के लाल तुझे सलाम ।
धन्य हुई वो माँ, जो तुम्हें इस दुनिया में लाई ।
उसके संचित पुण्यों की, तू है खरी कमाई ।
बचपन में माता-पिता ने दिए, जो वीरता के संस्कार ।
भर दिया मातृ भूमि के लिए, कोमल से मन में प्यार ।
उन संस्कारों के रंग से, तुमने अपने सपने सजाए ।
सेना में भरती हो, देश हित में कदम बढ़ाए ।
हर मुश्किल का किया सामना, हर इम्तहान में उतरे खरे ।
देश भक्ति की लगी लगन, खतरों से ना कभी डरे ।
कभी पहाड़ों पर, तो कभी घाटियों में डाला डेरा ।
कभी जंगलों में, तो कभी चिलचिलाते रेगिस्तान में बसेरा ।
हर हुक्म की तामील करना, कड़ा अनुशासन सहना ।
वीरों की शौर्य गाथाएँ सुन, अपने अंदर जोश भरना ।
सीमा की रक्षा हेतु, हर पल दीवार बन खड़े रहना ।
दुश्मन की नींदें उड़ा, फौलाद से अड़े रहना ।
ये परेड का नज़ारा, दिल को लुभाए बार-बार ।
देश भक्ति का ये जज़्बा, यूँ ही रहे बरकरार ।
घर से कोसों दूर रहकर, अपनों को याद करते ।
मगर उनके प्यार को ताकत बना, तिरंगे की शान रखते ।
बेटा, पति, भाई और बाप, सब रिश्तों का रखा तुमने मान ।
पर भारत माता के रिश्ते को, दिया सबसे बड़ा सम्मान ।
हम चैन से सो सकें, इसलिए सीने पर गोली खाई ।
हर दिल अज़ीज़ हैं सब को, हमारे ये फौजी भाई ।
चीन-पाक के नापाक इरादों को, हमेशा मिट्टी में मिलाया ।
फिर से ना आँख उठा सकें, उनको ऐसा सबक सिखाया ।
खुदा से गुज़ारिश है, खुशियाँ मिलें इन्हें हमसे सवाई ।
जिन्होंने अपने दिल में, देश भक्ति की लौ है जगाई ।
ये सफर है एक फौजी का, सबसे प्यारा सबसे न्यारा ।
जय जवान जय हिन्दुस्तान, नारा है सब को प्यारा ।
By Nikita Gupta

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