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Safar Ek Fauji Ka

Mar 3, 2023
2 min read

Updated: Jul 29, 2025

By Nikita Gupta


ऐ देश के पहरेदार, तुझे सलाम ।

ऐ मातृ भूमि के लाल तुझे सलाम ।


धन्य हुई वो माँ, जो तुम्हें इस दुनिया में लाई ।

उसके संचित पुण्यों की, तू है खरी कमाई ।


बचपन में माता-पिता ने दिए, जो वीरता के संस्कार ।

भर दिया मातृ भूमि के लिए, कोमल से मन में प्यार ।


उन संस्कारों के रंग से, तुमने अपने सपने सजाए ।

सेना में भरती हो, देश हित में कदम बढ़ाए ।


हर मुश्किल का किया सामना, हर इम्तहान में उतरे खरे ।

देश भक्ति की लगी लगन, खतरों से ना कभी डरे ।


कभी पहाड़ों पर, तो कभी घाटियों में डाला डेरा ।

कभी जंगलों में, तो कभी चिलचिलाते रेगिस्तान में बसेरा ।


हर हुक्म की तामील करना, कड़ा अनुशासन सहना ।

वीरों की शौर्य गाथाएँ सुन, अपने अंदर जोश भरना ।



सीमा की रक्षा हेतु, हर पल दीवार बन खड़े रहना ।

दुश्मन की नींदें उड़ा, फौलाद से अड़े रहना ।


ये परेड का नज़ारा, दिल को लुभाए बार-बार ।

देश भक्ति का ये जज़्बा, यूँ ही रहे बरकरार ।


घर से कोसों दूर रहकर, अपनों को याद करते ।

मगर उनके प्यार को ताकत बना, तिरंगे की शान रखते ।


बेटा, पति, भाई और बाप, सब रिश्तों का रखा तुमने मान ।

पर भारत माता के रिश्ते को, दिया सबसे बड़ा सम्मान ।


हम चैन से सो सकें, इसलिए सीने पर गोली खाई ।

हर दिल अज़ीज़ हैं सब को, हमारे ये फौजी भाई ।


चीन-पाक के नापाक इरादों को, हमेशा मिट्टी में मिलाया ।

फिर से ना आँख उठा सकें, उनको ऐसा सबक सिखाया ।


खुदा से गुज़ारिश है, खुशियाँ मिलें इन्हें हमसे सवाई ।

जिन्होंने अपने दिल में, देश भक्ति की लौ है जगाई ।


ये सफर है एक फौजी का, सबसे प्यारा सबसे न्यारा ।

जय जवान जय हिन्दुस्तान, नारा है सब को प्यारा ।


By Nikita Gupta





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