Raste-E-Zindagi
By Kulwinder Kaur
खुशनसीब हैं हम जो हमें मिली ये ज़िन्दगी,
इस ज़िन्दगी से कई उम्मीदें हैं जुड़ी
कभी टूटे, कभी हारे, कभी कमज़ोर भी पड़े
उम्मीद रख के लेकिन फिर हुए खड़े
रास्ते कठिन थे, कहीं अँधेरे भी मिले
उम्मीद की रौशनी लेकर फिर आगे बड़े
कभी भटके, कभी डगमगाए, कभी तो गिर भी पड़े
हार ना मानी तो फिर खड़े हुए
शूरवीर बनके ही तो जी पाएंगे ज़िन्दगी
जो हार मानी तो बस ख़तम है ज़िन्दगी
खुशनसीब हैं हम जो हमें मिली ये ज़िन्दगी,
इस ज़िन्दगी से कई उम्मीदें हैं जुड़ी
By Kulwinder Kaur

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