Poem Yaday
By Aashish Shrivastav
तुम पर जब भी अगर बात आतीं हैं
होंठों पर अपने आप मुस्कान आतीं हैं
फलसफो से भरी है उसकी जिंदगानी
वो जब आतीं हैं तो खुशियां साथ आतीं हैं
तरक्की जिंदगी के हसीन पल होते हैं
मगर तरक्की के साथ चुनौती भी आतीं हैं
पढ़ने गये है घर से बेटे दूर दराज मगर
उन बेटो की याद मां को पल-पल आतीं हैं
By Aashish Shrivastav

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