Parkhane Ka Anadaz
By Sudha Rani
जिद है कि हर हाल में खुश रहना है ,
और गम हैं कि मुस्कुराहट को परख रहे हैं ।।
तेरे आने और तेरे जाने के बीच ,
हम हर आहट को परख रहे हैं ।।
क्यों और किसलिए है ये ,
ऐसे कितने ही सवालों को परख रहे हैं ।।
हवा के तेज बहावों के बीच ,
हम उसकी सरसराहट को परख रहे हैं ।।
जिंदगी के अनगिनत सवालों में ,
हम अपने जवाबों को परख रहे हैं ।।
हर रोज की चंद कोशिशों के बीच ,
न जाने कितने ख्वाबों को परख रहे हैं ।।
By Sudha Rani

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