Parde Ke Andar
Updated: Jul 30, 2025
By Divanshi
परदे में हूँ तो बेहतर हूँ, मेरा अक्स ना ढूंढो
मेरे अंदर जो है असल में, वो शक्श ना ढूंढो
मेरे अंदर का मैं, अक्सर समझ नहीं आता
वो दुनिया के दिखने को झूठा सा नहीं मुस्कराता
ये तमीज, ये अदब, महज़ अदाकारियाँ ही हैं
हकीकत कुछ भी नहीं, बस कलाकारियां ही है
मेरे अंदर का सच, ना कहूं तो बेहतर है
बाहर आना ना-मुनासिब है, अंदर रहूं तो बेहतर है
By Divanshi

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