Paigaam
By Damini Akhilesh Dubey
जब ख़ुदा के लिए
पैग़ाम लिखेंगे
अपनी हर दुआ में
तेरा नाम लिखेंगे
हर सुबह मेरी तुझ ही से हो
हर शाम तेरे नाम लिखेंगे
कुछ तो खुशी
मेरे हिस्से भी आई होगी
तेरे ग़मों के बदले
अपनी खुशियों के दाम लिखेंगे
तन्हाई में सफर मुश्किल तो होगा
पर हर सफर के आखिर में
तेरा ही मुक़ाम लिखेंगे
कई जन्मों और कई जिंदगी के
किस्से सुने हैं हमने
ये सच है गर
हर मौत से पहले तुझे सलाम और
अपनी हर जिंदगी
तेरेनामलिखेंगे
By Damini Akhilesh Dubey

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