Oh Meree Jaan Song In Poem To Keep Maj
Updated: May 31, 2023
By Jitendra Saini
ओह मेरी जान , मैं हूँ तुझपे कुर्बान
बनाऊँगा तुझे दिलबर , है मुझे रब की आन
तू ही मेरी आशिकी , तू ही शान
तू ही इज्जत , तू ही है मान
तेरे लिये छोड दूँगा मैं , सारा जहाँन
गर ना बनी तू महबूबा , तो बदल दूँगा विधि का विधान
ओह मेरी जान , मैं हूँ तुझपे कुर्बान
बनाऊँगा तुझे दिलबर , है मुझे रब की आन
रोज सुनता हूँ मैं , लोगों के बुरे कहानी - किस्से
फिट रहना मेरी आदत , सो आई यूज घरेलू नुस्खे
वन स्पून हल्दी , एंड एक फ्यू वाटर
विध टू ड्रोप्स हनी , केटल पर लेता हूँ हल्का गर्म कर
नींबू को काट के पानी में हूँ निचोड़ता
बाई शेकिंग ग्लास , नाऊ घोल पूरा बनाता
पूँछे मेरा मांइड , बेटा पिओगे कैसे ?
आई टेक इट लिटिल बाई लिटिल , नही पीता ऐसे - वैसे
सुख का मार्घ, बुक का रखता हूँ ज्ञान
ओह मेरी जान , मैं हूँ तुझपे कुर्बान
बनाऊँगा तुझे दिलबर , है मुझे रब की आन
मुझे पता , प्रिजेंस भी जरूरी है
बट लिखकर सोना , मेरी मजबूरी है
दिन में क्लास , जिम इन दी ईवनिंग
आफ्टर ब्रेक , आई एँजॉय बाई राईटिंग एंड सिंगिंग
मेस वालों से है मेरा , अच्छा व्यवहार
विध सिक्स बनाना , रोज ले आता हूँ एप्पल चार
खाने से इन्हें , मैं ना पड़ता कभी बीमार
जानेमन भरा है , मेरी अलमारी में फलों का भंडार
बॉडी के साथ - साथ मैं कर रहा हूँ चरित्र निर्माण
ओह मेरी जान , मैं हूँ तुझपे कुर्बान
बनाऊँगा तुझे दिलबर , है मुझे रब की आन
By Jitendra Saini

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