No Name
Updated: Sep 16, 2025
By Pallav Yadav
वो कहते है ये तेरी सजा है ,
तेरी उन गलतियों की बस अब यही रज़ा है।
तू ही इस सब का दोषी है,
तू लाइफ मै गलतियों के अलावा कुछ न कर पाएगा ,
तेरी इन हरकटो से तू कुछ न बन पाएगा।
हा गलतिया तो करि है मैंने,
और उन गलतियों से सीखा भी हु,
सजा थी मेरी पर उसे जिया भी हु।
गलतिया थी मेरी छोटी सी ,
पर ये सजा इतनी लंबी क्यों है।
हा माना की की है मेने गलतिया ,
जानता हु उन सब का दोषी हु मे गलती थी मेरी जो अपने बारे मै कुछ सोचा था कभी ,
जिसे अपनी हक्कीकत न बना सखा पर क्या पूछा था किसे नै की क्या हुआ।
हा माना ज़िद्द थी मेरी की अपने हुनर से कुछ बनना चाहता था ,
अपने से ज्यादा आपलोगो को दिखाना चाहता था।
पता है हारा हु बहुत जगह ,
हमेशा अपने मेरी हार को ही देखा है और उसे ही मेरी सच्चाई समचा है ,
और मेरी कोशिशों को मेरी परछाई।
पर अभी भी जिन्दा है वो खोवाब ,
अभी भी इन्तिज़ार कर रहा हु उस हाथ का ,
जो कहदे की तू कर सकता है जो तूने ख्वाब में देखा है , वो तू बन सकता है।
हा माना खुटनो पर हु अभी पर एक दिन दौडूंगा जरूर ,
दिखाऊँगा वो खोवाब जो देखा था कभी पर तब वो खोवाब नहीं ,
हक्कीकत होगी मेरी।
By Pallav Yadav

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