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Nature

May 6, 2023
2 min read

By Supriya. J. G


I was born on 22nd april,this day is also known as earth day. My mom always says respect this mother earth because mother earth has the capacity to carry ur weight from birth till ur death so I have decided to write something on mother nature only.



प्रकृति

प्रकृति से संसार है, संसार की सुंदरता है प्रकृति

प्रकृति जन्म है प्रकृति से जन्मे अनेकों जीवन है

प्रकृति प्राण है प्राणरूपी संसाधनों से जुड़ी हुई प्रकृति

प्रकृति जल है जलरूपी जीवन का आधार है प्रकृति

प्रकृति आकाश है आकाश जैसी शीतलता और मधुरता है प्रकृति

प्रकृति वायु है वायु जैसी प्राणों की सांसें है प्रकृति

प्रकृति भूमि है भूमि जैसा जन्म है प्रकृति

प्रकृति विश्व है विश्व के प्राण है प्रकृति मे

प्रकृति जवाला है जवाला जैसी गर्माहट है प्रकृति

प्रकृति पंचतत्वो की पूरी कहानी है ऐसे जन्मी मेरी प्रकृति रानी

प्रकृति जंगल है और ये प्रकृति की सांसे है

प्रकृति जन्म देती है ममता की परिभाषा है प्रकृति

प्रकृति अनेकों प्राणों के रूप में जन्म देकर हमे एकता, एक जीवन का सार सिखाती है प्रकृति

प्रकृति पूर्ण है जो हमे पंचतत्वो की महत्वता को र्दशाती है प्रकृति

प्रकृति अधिकार है जो हमे सुख देती है जीने का

प्रकृति उपकार है कई संसाधनों द्वारा हमारे जीवन की आर्पूति है प्रकृति

प्रकृति अनमोल है उपकारों से भरा वरदान है प्रकृति

पेड पौधे, स्वच्छ वायु जल, भूमि, ये अभिन्न अंग है प्रकृति के

हमें प्रकृति के अंगो नष्ट कर हम प्रकृति की सांसे छीन रहे हैं

अगर प्रकृति की सांसे नही तो,प्राण भी नहीं, जीवन भी नही

प्रकृति जन्म देती है भोजन देती है, वायु देती है जीवन की आपुर्तियो को पूर्ण करती है प्रकृति के उपकारों को हम अपना जीवन देकर भी पूरा नहीं सकते, हमें प्रकृति को भी जीवित रहने का अधिकार देना चाहिए। जैसे हम अपने अधिकारो को समझते हैं वैसे ही हमे प्रकृति के अधिकारो को भी समझना चाहिए। नियमों का पालन करना चाहिए, समुद्र सागर को स्वच्छ रखे, जानवरों की सहायता करे, वातावरण को दूषित होने से बचाएं।


Mother Nature is the most beautiful art of the creator. Life and beauty like this art there is nothing else in this whole world. It is our duty to protect the beauty of nature.


By Supriya. J. G


V

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