Naari
By Sanchita
वहकोपलहै, खिलनाचाहतीहै
नाज़ुकहै, महकनाचाहतीहै
वहपंछीइसपोखरकी, उड़नाचाहतीहै
नटखटहै, चहकनाचाहतीहै
वहनदीमनचली, बहनाचाहतीहै
अविरलहै, पहाड़ोंकोतोड़नाचाहतीहै
वहबावरीहवा, दुनियाकीसैरकरनाचाहतीहै
अदृश्यसी, अपनावज़ूदचाहतीहै
वहझिलमिलजलतीज्योत, रोशनजहांकरनाचाहतीहै
गर्महै, सवरनाचाहतीहै
वहधरा, सहनशक्तिहै, बाहोंमेंसमेटनाचाहतीहै
ममताहै, पिघलनाचाहतीहै
वहएकबेटीहै, जन्मलेनाचाहतीहै
वहभीइसजगमें, सांसलेनाचाहतीहैं
बहनहैतेरी, पढ़नाचाहतीहै
खिलौनानहींतेरा, साथखेलनाचाहतीहैं
वहहमसफ़रहै, सुखदुखबांटनाचाहतीहै
परछाईनहीं, साथआगेबढ़नाचाहतीहै
वहएकमांहै, स्नेहसेपालनाचाहतीहै
शक्तिहै, तेराकवचबननाचाहतीहै
उसेहकहैजीनेका!
स्वच्छंद, स्वाधीन- वहभीजीनाचाहतीहै!
By Sanchita

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