Mumbai Meri Jaan
Updated: Jul 24, 2025
By Sunita Sharma
मुंबई मेरी जान
पहली कुछ पंक्तियां एक हास्यापद वाकया है..
जो मुंबई और मुंबईकर को दर्शाता है
पहली बार पधारे थे..
ठोर ठिकाना न जानते थे
भाई साहब ये जरा पता बताना
जवाब मिला बस यही बाजू में
फिर कुछ चल कर पूछा
वही जवाब,बाजू में
तीसरे चौथे से पूछने के बाद जब वही मिला जवाब
चाचा ने झुंझलाकर पूछा
बताना भाई आपकी बाजू है कितनी लंबी
मुस्कराते हुए अजनबी ने कहा
भाई ये तो है मुंबई
ऐसे कई वाक़या है जो मुंबई को मुंबई बनाते है
वड़ा पाव और बारिश के अक्सर होते है चर्चे
सड़कों के जलमग्न गड्ढे पर तो
बने है कई गीत
हैं कई इसके पहलू और अलग इसकी रीत
भाई गिरी की भाषा से भी है हर नई पीढ़ी को प्रीत
बॉलीवुड की है ये नगरी
चमकते है यहां सितारे
और एक तरफ है
धोभी घाट और धारावी के नज़ारे
हा यही सब तो मुंबई को मुंबई बनाते है
मुंबईकर की इंसानियत और भलमनसाहत
के है कई मिसाल
By Sunita Sharma

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