Manjil Ko Panna Hai
Updated: Sep 16, 2025
By Sudha Rani
तमन्नाओं के साए , कुछ इस कदर बडे हैं ,
हर रोज पलकों पर नए ख्वाब से सजे हैं ,
सितारों से सजी है , अमावस की काली रात ,
हर सितारे पर टिकी है मेरी हर आस ।।
क्या हुआ , जो वो आस्मां झुक नहीं सकता,
एक दिन उसे छूना है , ये दिल में ठाना है ,
हर लम्हें को बना कर अपना गुलाम ,
हमने वक्त को अपने इशारों पर चलाना है ।।
गर्दिशों की धूल भला बिगाडेगी उसका क्या ,
जिसने तूफानों में ही नाव चलाना है ,
हर मुश्किल जिसे छूकर , कर जाए सजदा ,
दिल में यूं हौसलों का तूफान उठाना है ।।
आँधियों में चिराग जलाने का , हो जिसे जूनून,
क्या बिगाड़ेगी उसका ये हवा , जिसका हौसला हो मजबूत ,
हर झोंका हवा का , हो इजाजत लेने को मजबूर ,
कुछ इस तरह तूने अपना कद बढ़ाना है ।।
इरादे कर बुलंद , अंजाम की परवाह ना कर ,
आगे बढ़ा कदम , तू राह की मुश्किलों से ना डर ,
हर मील का पत्थर , हो तेरी राह में पलकें बिछाए,
कुछ इस तरह तुझे , अपने हौसलों को परवाज चढ़ाना है।।
इस युग का अर्जुन है तू , उठा गांडीव प्रत्यंचा चढ़ा ,
है सारथी स्वयं तेरा कृष्ण , आगे बढ़ संकोच की हर दीवार हटा
है सुनहरा भविष्य तेरा , तेरे इंतजार में यूँ खड़ा ,
जैसे तू ही हो रचेता , और तूने ही इसे अनमोल बनाना है ।।
जीवन बगिया का हर शूल , तुझे चुनौती देता है ,
तेरे जीवन के हर दिन को , नित नई कसौटी देता है ,
अपने संकल्पों के फूलों से , महका दे जीवन की बगिया ,
तूने इस जीवन के हर क्षण का , भरपूर आनंद उठाना है ।।
कर रही है तेरी सुबह , बेचैनी से तेरा इंतज़ार ,
अंधकार की हर दीवार , हो रही है ज़ार ज़ार ,
आशा की किरणों को , संभाले हुए है आसमान ,
हटा दे धुंध के बादल , के तुझे अपना कल सजाना है ।।
किरणों से करना है श्रृंगार , आशाओं के दीप जलाना है ,
हर पथिक को देना है संदेश , सुंदर कल का ,
कर्म के मार्ग पर तुझे , आगे ही बढ़ते जाना है ,
मंजिल को पाना है , मंजिल को पाना है ,
आगे बढ़ते जाना है , मंजिल को पाना है ।।
By Sudha Rani

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