top of page

Manjil Ko Panna Hai

Mar 31, 2023
2 min read

Updated: Sep 16, 2025

By Sudha Rani



तमन्नाओं के साए , कुछ इस कदर बडे हैं ,

हर रोज पलकों पर नए ख्वाब से सजे हैं ,

सितारों से सजी है , अमावस की काली रात ,

हर सितारे पर टिकी है मेरी हर आस ।।


क्या हुआ , जो वो आस्मां झुक नहीं सकता,

एक दिन उसे छूना है , ये दिल में ठाना है ,

हर लम्हें को बना कर अपना गुलाम ,

हमने वक्त को अपने इशारों पर चलाना है ।।


गर्दिशों की धूल भला बिगाडेगी उसका क्या ,

जिसने तूफानों में ही नाव चलाना है ,

हर मुश्किल जिसे छूकर , कर जाए सजदा ,

दिल में यूं हौसलों का तूफान उठाना है ।।


आँधियों में चिराग जलाने का , हो जिसे जूनून,

क्या बिगाड़ेगी उसका ये हवा , जिसका हौसला हो मजबूत ,

हर झोंका हवा का , हो इजाजत लेने को मजबूर ,

कुछ इस तरह तूने अपना कद बढ़ाना है ।।


इरादे कर बुलंद , अंजाम की परवाह ना कर ,

आगे बढ़ा कदम , तू राह की मुश्किलों से ना डर ,

हर मील का पत्थर , हो तेरी राह में पलकें बिछाए,

कुछ इस तरह तुझे , अपने हौसलों को परवाज चढ़ाना है।।


इस युग का अर्जुन है तू , उठा गांडीव प्रत्यंचा चढ़ा ,

है सारथी स्वयं तेरा कृष्ण , आगे बढ़ संकोच की हर दीवार हटा

है सुनहरा भविष्य तेरा , तेरे इंतजार में यूँ खड़ा ,

जैसे तू ही हो रचेता , और तूने ही इसे अनमोल बनाना है ।।


जीवन बगिया का हर शूल , तुझे चुनौती देता है ,

तेरे जीवन के हर दिन को , नित नई कसौटी देता है ,

अपने संकल्पों के फूलों से , महका दे जीवन की बगिया ,

तूने इस जीवन के हर क्षण का , भरपूर आनंद उठाना है ।।


कर रही है तेरी सुबह , बेचैनी से तेरा इंतज़ार ,

अंधकार की हर दीवार , हो रही है ज़ार ज़ार ,

आशा की किरणों को , संभाले हुए है आसमान ,

हटा दे धुंध के बादल , के तुझे अपना कल सजाना है ।।


किरणों से करना है श्रृंगार , आशाओं के दीप जलाना है ,

हर पथिक को देना है संदेश , सुंदर कल का ,

कर्म के मार्ग पर तुझे , आगे ही बढ़ते जाना है ,

मंजिल को पाना है , मंजिल को पाना है ,

आगे बढ़ते जाना है , मंजिल को पाना है ।।



By Sudha Rani





Recent Posts

See All
Mirrored Truth

By Rufaida Manzoor I stood beside the silent lake, With eyes that felt no urge to break. My hair fell low in shadows deep, The waters...

 
 
 
My Antidote

By Anveeksha Reddy You fill my books with your ink, seeping into the pages bright and brilliant The words etched into the cracks of it,...

 
 
 
Avarice

By Anveeksha Reddy You tear my skin and pick on my bones I label it as gluttony for you Churning and shattering the remains of my...

 
 
 

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page