Maa Ki Mamta
By L Ashwini Reddy
माँ ने कहा ,"बेटा यह काम कर “।
मैंने कहा ,"माँ नहीं है मन” ।
माँ की मुस्कान ोज्झल हो गयी।
उदासी उनके मुख पर छा गयी।
बड़े होकर अब एहसास हुआ
मैंने कई सीखने के मौके खो दिए
अकेले चलकर राह मे जब ठोकर लगी
तब लगा माँ ही मेरी one and only well wisher थी।
माँ तू हे मेरी हर ख़ुशी -गम में शामिल
तेरी तमन्ना है की मैं बनू काबिल
ज़िन्दगी की हर परीक्षा करू पास
तेरी सिखाई बातें हैं मेरे लिए अनमोल और ख़ास।
तू जब भी मुझे डांटती थी
मैं अपनी आत्मविश्वास खो देती थी
अपने आप को कोसती थी
पर अब एहसास हुआ की तेरी दांत में भी प्यार छुपा हुआ था।
तू मेरी जड़ है माँ
तेरे बिना मेरा कोई अस्तित्व नहीं
क्या कभी कोई पेड़ हरा। भरा रह सकता है
अगरउसकीजड़हीकाटदीजाए।
By L Ashwini Reddy

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