Lout Aao Na Papa
By Khushboo Singhal
लौट आओ न पापा मेरे लिए
मुझे याद बहुत आप आते हो
ऐसी भी क्या नाराजगी मुझसे
जो इतना आप मुझे रुलाते हो
आपको याद है मेरी आँखों के आंसू चुभते थे आपको
फिर अब क्यों आके मुझे चुप नहीं कराते हो
माना मैं अच्छी बेटी नही बन सकी आपकी पर आप तो मेरे अच्छे पापा हो
लौट आओ न पापा मेरे लिए
आपका डाँटना मुझे याद आता है
कितने दिन हो गए आपकी आवाज सुने हुए
एक बार मेरा नाम लेके मुझे बुलाओ न पापा
एक बार आके देखो न पापा
माँ आप बिन कितना अकेली है
किसी से कुछ कहती नहीं है
पर छुप छुप वो भी रोती है
कोई गलती अगर मुझसे हो गयी
तो उसे भूल मुझे गले से लगाओ न पापा
कितने दिन बीत गए हैं
अब तो लौट आओ न पापा।
By Khushboo Singhal

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