Log Hain Na
By Karan Bardia
तू अपनी खूबसूरत धुंड,
कमियां निकलने के लिए लोग हैना,
अगर रखना है कदम तो आगे रख,
पिचे खिचने के लिए लोग हैना,
तू दत्त कर अपना करम करते जा,
तुझे रास्ते से भटकने के लिए लोग हैना,
सपने देखने हैं तो ऊंचाइयों के देख,
तुझे नीचा दिखने के लिए लोग हैना,
करना है तो कुछ नामुमकिन कर के दिखा,
मुमकिन काम करने के लिए लोग हैना,
भड़का दे खुद में तो कुछ कर जाने की चिंगारी,
तुझसे जाने के लिए लोग हैना।
अगर तुझे बनाना है तो यादें बना,
बातें बनाने के लिए लोग हैं,
जितना हो सके उतना खुश रह के देखा,
तुझे दुख देने के लिए लोग हैना,
तू सिरफ अपनी खूबियों को देख,
कमियां जिनवाने के लिए लोग हैं।
तू प्यार कर तो खुद से कर,
दुश्मनी करने के लिए लोग हैना,
विश्वास करना है तो खुद पर कर,
धोका देने के लिए लोग हैना,
तू बस खुद रिश्ता रख,
रिश्तों को तोडने के लिए लोग हैना।
हमेश बच्चा बन कर रह तू,
समाजदार बनाने के लिए लोग हैना,
अपनी मासूमियत को चेहरे से मत जाने दे,
तुझे दुनियादारी सिखने के लिए लोग हैना,
जीतना है तो खुद से जीत,
बाकी तुझे हराने के लिए लोग हैं।
तू बस खुद को सवार ले,
जिंदगी का आईना देखने के लिए लोग हैना,
तू अपनी कमज़ोरिया छुपा कर रख,
तेरी कमज़ोरियां का मज़ाक बनाने के लिए लोग हैना,
तू खुद की एक अलग पहचान बना,
भीद में चलने के लिए लोग हैना।
By Karan Bardia

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