Likhenge Kuch Naya
Updated: Aug 21, 2025
By Shubham Sehgal
लिखेंगे कुछ नया।
नया भी कुछ लिखेंगे।
वक्त आने दे जरा।
तेरी हर नजाकत को लिखेंगे।
अभी कश्मकश में हैं जरा।
निगाहों को पढना सीख लेंगे।
अभी खुद को पढ लें जरा।
फ़िर गीता कुरान भी पढ लेंगे।
By Shubham Sehgal

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