Kya Likhu Mai
By Pooja
ख्वाब लिखू मैं ख्याल लिखू मैं, किसके कहे अल्फाज लिखू मैं।
जीवन में जो पानी है मंजिल, कितनी वो दूर क्या पास लिखू मैं॥
आकाश लिखू मैं पाताल लिखू मैं, या ये बीच का जाल लिखू मैं।
मानवता की चाल लिखू मैं, या दुनिया का हाल लिखू मैं॥
कहने में गंगा जी भी माँ है , क्या है मान क्या सम्मान लिखू मैं।
साज लिखू मैं राग लिखू मैं लिखना न आए क्या खाक लिखू मैं॥
By Pooja

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