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Khushi

Apr 3, 2023
3 min read

Updated: Sep 16, 2025

By Pramod Verma


अभी तक मिली ही नहीं


बचपन में बेर के नीचे पढ़ते थे

"खुशी" मिडिल स्कूल में दिखती थी

मिडिल स्कूल में पहुंचे जब

"खुशी " शहरों में दिखने लगी

शहरों में पढ़ने आ गया

"खुशी " को ढूंढने लगा

पैदल स्कूल जाने लगा

"खुशी" साइकिल पर नजर आने लगी

मै बॉयज स्कूल में पढ़ने लगे

"खुशी" ' को - स्कूल' में दिखने लगी मैं

मैथ साइड में पढ़ने लगा

"खुशी" बायो साइड में दिखने लगी

मैं इंजरिंग कॉलेज में चला गया

"खुशी" मेडिकल कॉलेज में दिखने लगी

मै जाब मे जैसे ही प्लांट जाने लगा "

खुशी"एचआर एवं सेल्स में लिखने लगी

मै दिल्ली आ गया बस से चलने लगा

"ख़ुशी" बाइक पर दिखने लगी

जब मैं बाइक से चलने लगा

"खुशी" कार में दिखने लगी

जब मैं कार से चलने लगा

"खुशी "जहाज में दिखने लगी

जब मैं जहाज से चलने लगा



"ख़ुशी" गायब ही हो गई मिली ही नहीं"




बचपन से ही तलाश कर रहा हू "

खुशी"को --- अभी तक मिली ही नही -----

बहुत लोगो को देखा "खुशी " के साथ 😂😂

झूमते हुए , मस्ती करते हुए

मुझे लगा कि " खुशी" हमारे किस्मत में ही नहीं है☺️☺️

कल रात मेरे सपने में मिली तब मैंने पूछा

बहुत भाव खाती हो "खुशी "?..

कुछ सीखो अपनी बहन "परेशानी" से...

बचपन से हमारे पीछे पड़ी है मेरा पीछा ही नहीं छोड़ती

" खुशी" मुस्कुरा कुछ बोलती इससे पहले मेरी नींद खुल गई😅😅

तब से सोच रहा हूं दोबारा खुशी कब मिलेगी ? 🤔🤔"




"ख़ुशी" गायब ही हो गई मिली ही नहीं"


आज फिर मेरे सपने में "खुशी" मिल गई

खूब मुस्कुरा रही थी और इठला रही थी

ऐसा महसूस हुआ हमें तड़पा रही थी

हमें देखकर शर्मा रही थी,

हमारे नजदीक आई

हम भी अपने अरमानों पर अडिग थे

हमसे अपनी बहन " परेशानी" का हाल-चाल पूछ रही थी और मुस्कुराती रही थी

मैं बोला " खुशी" तुमको हमसे क्या दुश्मनी है "परेशानी" से मेरा पीछा क्यों नहीं छुड़ाती

"परेशानी" को तो नहीं ले गई कुछ दिनों से अपनी चचेरी बहन

"गम" को भी मेरे पीछे लगा गई

"खुशी" खिलखिला कर हंस पड़ी

कुछ बोलती फिर मेरा नींद खुल गई

मुझे खुशी हुई "खुशी" सपनों में आने लगी

शायद हकीकत में कभी आएगी

नींद खुली तो ख्वाबों को सीने से लगाया

अबकी बार अगर सपने में आएगी जल्दी से बाध लूंगा

अपनी पूरी व्याख्यान सुनाऊंगा कब से तुमको चाह रहा हूं

बचपन से तुम्हें रूह में बसा रखा हूं तुम्हें दया तरस की भावना ही नहीं है

इतना तपस्या ब्रह्मा जी का करता

तो शायद सब कुछ पा जाता

खुशी क्या तुम्हारा सारा खानदान प्रसन्नता ,

चैन ,निद्रा, घमंड मस् हमारी में चरणों होता 😏😏


खुशी को तलाश रहा हूं अभी तक मिली ही नहीं




बचपन से खुशी को तलाश रहा हूं

अभी तक मिली ही नहीं कुछ

दिन के बाद खुशी फिर सपनों में आई

बहुत बड़ी महफिल सजी थी उसमें

फिर इठाला रही थी

जैसे ही मेरे नजदीक आई मैंने उसे खूब खरी-खोटी सुनाई

खुशी खिलखिला कर हंस पड़ीं और बोली

बचपन से अब तक की सारी कहानी सुना पड़ी

बोली मेरे जैसा कोई वफादार इंसान नहीं

मैं तुम्हारे साथ साए की तरह खड़ी हूं

तुम महसूस करो मैं कहां नहीं थी"

मैं तुम्हारे साथ साए की तरह खड़ी हूं

तुम महसूस करो मैं कहां नहीं थी

तुम्हारी जिंदगी कुछ लम्हे बताती हूं

तुम जब स्कूल में औवल आते थे

तुम आम के पेड़ का टिकोरा तोड़ते थे

ताश के पत्तों में जीत हासिल करते थे

बचपन में कंचा जीता करते थे

जब विख्यात कॉलेज बनारस में दाखिला पाए थे

अच्छे मार्क्स से 12वीं पास किए थे

इंजरिंग कॉलेज में प्रवेश पाए थे

जब पहली नौकरी पाए थे

दिल्ली में अपना एक मुकाम हासिल किए थे

जिंदगी के हर लम्हों में हम साथ ही थे

रही "परेशानी" की बात सच है

यह मेरी मेरी जुड़वा बहन है

परंतु इंसान की फितरत है कि

अपनी खूबसूरत पत्नी को छोड़ पड़ोसन पर नजर रखता है

इसी तरह तुम हमें नजरअंदाज कर परेशानी पर तुम्हारी नजर होती है हम कल भी तुम्हारे साथ थे आज भी है तुम्हारे साथ है

पूरी जिंदगी तुम्हारे साथ रहेगें बस तुम अपनी नजरिया बदलो पड़ोसन को छोड़ो पत्नी को प्यार करो

ख़ुशी चारो तरफ नजर आए गी---2"

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By Pramod Verma





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