Kagaz Ke Phool
By Sanchita
रिश्तेफूलोंसेमहकतेथेजीवनमें,
हरदिन, एकनईताज़गीकेसाथखिलतेथे
कागज़केफूलहोगएहैं!
ऊपरसेबेहतरीन, खूबसूरतसे,
भीतरबिनासुगंध, नीरससे,
उन्हेंकिताबोंकेबीचसूखनाअबरासनहीं,
सबकेअपनेउसूलहोगएहैं!
जोहंसतेथे, हवासंगलहलहातेथे,
भीनीखुशबूसेउनके, घरभरजातेथे,
वहआजकोनेमेंबिसरेहुए,
गुमसुम, भूलसेगएहैं!
जोहैं, साथहैं- बनावटी, रंग-बिरंगे,
परआत्मीयतासेपरे,
प्यारसेसींचेनहींगएशायद,
इसलिए! रिश्तेसभी- कागज़केफूलहोगएहैं।
By Sanchita

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