top of page

Jina Koi To Sikha De Muze

By Wasi Asghar




By Wasi Asghar



4 views0 comments

Recent Posts

See All

Shayari-3

By Vaishali Bhadauriya वो हमसे कहते थे आपके बिना हम रह नहीं सकते और आज उन्हें हमारे साथ सांस लेने में भी तकलीफ़ होती है................... यूं तो भीड़ में खड़े हैं हम पर तनहाईयों का एहसास हर पल है यूं

Shayari-2

By Vaishali Bhadauriya उनके बिन रोते भी हैं खुदा मेरी हर दुआ में उनके कुछ सजदे भी हैं वो तो चले गए हमें हमारे हाल पर छोड़ कर पर आज भी हमारी यादों में उनके कुछ हिस्से भी हैं................... रोतो को

Shayari-1

By Vaishali Bhadauriya इतना रंग तो कुदरत भी नहीं बदलता जितनी उसने अपनी फितरत बदल दी है भले ही वो बेवफा निकला हो पर उसने मेरी किस्मत बदल दी है................... हम बेवफा ना कहेंगे उनको शायद उनकी भी कु

Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page