Jammu Grenade
Updated: Jul 28, 2025
By Deepak kumar Agrawal
जलते देखा उस बंदे को
जिसने देश सेवा की क़सम खायी थी
दो मिण्टो में उनके टुकड़े होंगे,
ये किसने सोच लगायी थी।
ऐसी क्या दुश्मनी पाली,
जो ऐसा परिणाम हुआ।
देश का जिम्मा उठाने वाले का
ऐसा क्या हाल हुआ।
छुप के किसी पे हमला करके
दुश्मन ने कैसी बाधुरी दिखायी हैं,
नौसेना का सिपाही था वो
तुमने आतंकवादी तो उसने साहिद होने की उपाधि कमाई है।
चलो अब बंद भी करो ये सब,
कब तक छुप के खेल खेलोगे।
पीछे से वार करके,
तमाशा कब तक देखो।
तुम्हारा १०० वार हमारे १ वार के बराबर है,
तुम्हारा १०० आतंकवादी हमारी १ फ़ौजी के बराबर है,
तुलनाओं में कब तक अपने आप को आगे समझोगे,
याद रखना तुम्हारा पूरा देश हमारे एक राज्य के बराबर है।
By Deepak kumar Agrawal

Comments