Insaaniyat
By Bhavay Goyal
अल्लाह की निगाह में हर कोई मक़बूल है,
तभी तो पीर की दरगाह में
हिंदू की दुआ भी क़बूल है।
तीर की तरह सीधी सी बात है,
मंदिर में शंख नाद सुन रहे इंसान की
नहीं कोई जात है।
गुरु घर के लंगर की बनी क्या स्वादिष्ट खीर है,
जिसको साथ बैठकर छकते
गरीब और अमीर है।
हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई
हर धर्म से ऊपर उठकर बज रही एक साज है,
शायद वह इंसानियत की आवाज़ है।
By Bhavay Goyal

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