Heart Dead.
Updated: Jun 12, 2023
By Tahrim Fatima
ना क़ज़ा मुझको, रुला सकी..
ना जिंदगी, हंसा सकी..
मुझे शादियाँ, लगे मर्ग सी..
मर्ग भी मुझको, महेज़ लगे।।
[ क़ज़ा - मौत ]
[ मर्ग - मौत ]
[ महेज़ - केवल,
छोटी सी बात ]
ना कोई ज़िद है, ना जुस्तजू..
ना अलम कोई, ना आरज़ू..
मेरा जिस्म, मिस्ल-ए-कब्र कोई..
क़ल्ब, ख़ालीपन से, भरा लगे।।
[ जुस्तजू - तलाश ]
[ अलम - दुःख, क्लेश ]
[ मिस्ल-ए-कब्र - कब्र के जैसे ]
[ क़ल्ब - दिल ]
मुझे तलब नहीं, कोई जाह-ओ-हशम..
बस इक दिल, जो ज़िंदा दिल लगे..
जो कराह उठे कोई रक़ीब भी..
मैं दुआ करूं, उसे दवा लगे।।
[ तलब - चाह, इच्छा ]
[ जाह-ओ-हशम - शान-ओ-शौकत ]
[ रक़ीब - दुश्मन ]
दर्द ऐसा दे मुझे, ऐ साक़िया..
हर ख़ुम से मुझको सवा लगे..
बिखरूं टूट कर मैं इस तरह..
मेरा रोम रक़्स-ए-शमां लगे।।
[ ख़ुम - शराब से भरा मटका ]
[ सवा - बेहतर ]
[ रक़्स-ए-शमां - लपटों का नृत्य ]
करम ऐसा कर, मेरे ऐ ख़ुदा..
मैं हिसाब उसका, अदा करूं..
और कुछ नहीं, तो बस उम्र भर..
वो जब हंसे, उसे बुरा लगे।।
ता हयात नहीं, तो मेरी मौत पर..
मेरा इश्क उसे यूँ, असीर करे..
मेरा नाम ले कर, सब के सामने..
मेरी, ख़ाक से बेख़ुद, वो जा लगे।।
[ ता-हयात - जब तक जीवन है ]
[ असीर - प्रभावित/गहरा असर/कैद ]
[ ख़ाक - मिट्टी, कब्र की ]
ना बहाने को अश्क हों..
ना कहने को लफ़्ज़ हों..
बस इक दिल, जो हमेशा दुखा करे..
और इक रूह, जो रहीन-ए-धुआँ लगे।
[ रहीन-ए-धुआँ - धुएं के पास गिरवी रखी हुई/
धुएं का बंधक ]
By Tahrim Fatima

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