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Har Yug Satya Kehlaega

Dec 29, 2022
1 min read

By Divyanjali Chauhan


युग है आज कलियुग का

सोचता है पाप चरम सीमा पर

जो कल था आज भी, मैं वही फिर बनूंगा

कल जीत भी गलत की

आज भी सच, मैं ही कहलाऊंगा

आज भी सच, मैं ही कहलाऊंगा !


रोकना है रोक लो मुझे

क्योंकि, श्री कृष्ण ने कहा था

एक युग आएगा कहलायेगा, वह कलियुग

जब तुम फुंकार मारोगे जीत की

इसलिए,

आज भी सच मैं ही कहलाऊंगा

क्योंकि यह युग है, कलियुग का !




सच है,

यह युग है कलियुग का

जहां पापों का ढेर है

भूलो ना उस रणभूमि को

सारथी बने उसी उसी श्री कृष्ण ने कहा था,

“यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत।

अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥

परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् ।

धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे |


जब-जब यह युग आएगा

पांडवों संघ एक अर्जुन कहलाएगा

कंपेगा वह अधर्म की जड़ों से ही सर्वप्रथम

क्योंकि, वह उनकी ही छाया में पनपा था

बनाएगा बंधक उसे अपनी कर्जों से

फिर वही सारथी उन्हें समझाएगा !


पार्थ!

अहिंसा की परिभाषा में, खुद को ना झोंको तुम

उठाओ शास्त्र, कर दो ध्वस्त उस फनकार को

जो रूप दे रहा हिंसा को

इसलिए, हे गलत कर ना गुरुर इतना खुद पर

इस युग के नाम पर

है सत्य की जीत ही

हर युग की परिभाषा !


By Divyanjali Chauhan




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