Gift For Love.
By Parampreet Kaur
आज जो तेरा जन्मदिन है तो सोचा और कुछ लिख पढू,,
तेरे आने की खुशी में दिन में तारे गिन पढू,
तूं आया इस दिन बहार बनके
मेरे लिए ऐफ उपहार. बनफे
तेरे जैसा मैंने देखा नही,
प्यार से बतलाना किसी और से सीखा नही।
पूछती रहती हूं अल्लाह से कैसे तूने है इसे बनाया,,
कोई भी ऐब ना इसमें मैंने पाया।
मासूमियत इतनी के कोई हुई कुर्बान हो जाए,,
खुद अल्लाह तेरा ही दीदार फरमाए,,
रब की छवि मुझे तुझमें नज़र आए,,
ऐ हमसफर हर कोई तेरा साथ पाना चाहे।।
इस नज़राने के इलावा मैं तुझे क्या दूं,,
तेरे जन्म पर्व पर खुशियां ही खुशियां बिखेर दूं।।
By Parampreet Kaur

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