First Date
By Nikhil
अभी तो बस दीदार हुए थे,
तुम दरवाजे की और देखने लगे I
जान बुझकर ये उनग्लिया तुम्हारी उनग्लियो के बीच फ़ैसाई थी,
और उस समय पहली बार तुम सामने से मुस्काई थी l
मेरे पैर काप रहे थे और तुमने अपना शर्मना बाल सवारकर मिटा लिया,
और इसी बीच दिल ने एक अद बार धड़कना भुला दिया l
इस अंतराल में लबो से कोई शब्द नहीं निकले थे,
शायद जो हो ऱहा था, उसके लिए शब्द ही नहीं बने थे l
By Nikhil

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