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Father, Mother, Sister And Friends

Jan 6, 2023
1 min read

Updated: Jan 12, 2023

By Harsha Pungliya





मेरी खुशियों को देख लेते हो,

मुझे खुद से पहले रख लेते हो,

ज़िद मेरी हर बार पूरी करते हो,

पापा मुझे खुद से पहले कैसे रख लेते हो..


मैं आईना में रहा,

मुझे आइना दिखा देते हो,

मैं डगमगा हूं तो मेरे लिए रास्ता बना देते हो,

पापा मुझे खुद से ज्यादा कैसे प्यार कर लेते हो..


मां की लोरी में हूं मैं, सरगम में हूं मैं,

मां मुझे सहलाये, तो जन्नत में हूं मैं,

मां तेरी हंसी की खनक मैं हूं मैं,

मां तू शुलाये तो तेरी नींद में हूं मैं..


मां तू मुझे खुद से बढ़कर समज लेथी हो,

मुझे अपना कहकर इस जहां को अपना कहती हो,

मां तुम रूठ हो तो जहां रूठता है मेरा,

मां तुम खुश रहो तो जहां बनता है मेरा..


बहन मेरी मेहक जैसी,

जाए जहां खुशियां बिखेरे,

दोस्त मेरी सबसे सच्ची,

लड़े इस जहां से मेरे लिए..



हमारी अनबन नहीं होती,

बात करें तो हम रात से सुबह होती,

खयाल एक दूसरे का पहले रहता,

बहन मेरी मुझसे ज्यादा प्यारी होती..


खुशी का नाम है दोस्ती,

सही गलत की सीख में है दोस्ती,

कई सालों के बाद,

मुलाकात में है दोस्ती..


मुझे पसंद आता है वह सब,

जो मेरे दोस्तों की आदतों में शामिल हो,

बेफिक्र होकर जीना,

और अपनी दोस्ती को खुद से पहले रखना..


By Harsha Pungliya










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