Dusri Duniya
By Damini Akhilesh Dubey
कोई दूसरी दुनिया होती
तो कितना अच्छा होता
यहाँ सब झूठे हैं
वहाँ कोई तो सच्चा होता
सारे ग़म यहाँ बंद होते
वहाँ खुशी का खज़ाना होता
ज़िम्मेदारियाँ यहाँ पूरी होतीं
वहाँ सुकून से आना और जाना होता
एक ऐसा घर होता
जहाँ दिल फिर से बच्चा होता
कोई दूसरी दुनिया होती
तो कितना अच्छा होता
न कोई उदास होता
न मतलब की बातें होतीं
कड़ी धूप के दिन होते यहाँ
वहाँ चाँदनी रातें होतीं
चतुर और चालाक नहीं
हर कोई दिमाग से कच्चा होता
कोई दूसरी दुनिया होती
तोकितनाअच्छाहोता
By Damini Akhilesh Dubey

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