Dil Ki Daastaan
By Sakshi Singh
कितना कुछ बताना है,
अपना दिल खोल के तुम्हे दिखाना है,
तस्वीर जो सजाई है दिल में;
तुम्हारे प्यार के रंगों को उसमे समाना है।
अनकही बातों को तुम्हे दिल से सुनाना है,
जहां किसी को पनाह नही दी,
उस जहां में तुम्हे बुलाना है,
तुम्हे खुद से मिला कर अपना संसार दिखाना है।
जो बाकी रह गया उसे अब पूरा कर जाना है,
वादा करो साथ देने का अगर;
तो जिंदगी का सफर तुम्हारे संग बिताना है।
By Sakshi Singh

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