Chalo Khelte Hai
By Parul
चलो खेलते है एक खेल नया ...
या तो पत्थर टूटेगा या 'दिल' मेरा ....
जो टुटा गर पत्थर .... तो तराश भगवान मेरा बनाऊंगा ....
और अगर 'दिल' टुटा ..... तो तेरा खुदा मैं बन जाऊंगा ....
बस इतना याद रखना ..... आगे जाकर कंही 'काश' न कहना पड़े. .....
कंही जो मैं रूठ गया .... तो शिव का रावण मैं बन जाऊंगा ....
जब तक नही होता ये रूठना ... तब तक के लिए तेरा बनके मैं रहना चाहूंगा ....
समझाने की बात होती तो तू कबकी मेरे आँगन में होती ....
मसला ये ठहरा जज़्बातो को महसूस करने का ....
तो बस तब तक 'दिल' न रुके इसका ख्याल मैं रखता जाऊंगा ... ....
अभी तक आधा धड़कता है ये 'दिल' मेरा ...
पूरा तो तेरे आने से ही धड़क पायेगा ....
जो अधूरी रही ये ख्वाहिश मेरी ....
कसम मुझे तेरी ए 'दिल' ......
हमेशा के लिए तेरी यादो में ही रह जाऊंगा ..
By Parul

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