Beta Aur Beti
By Sunita Sharma
धारण किया जिसमे
वो गर्भ एक है
जिस से सींचा
वो खून एक है
सीने से जब लगाया
वो छाती का दूध एक है
लोरी गा कर सुलाया जिसमे
वो गोद एक है
नन्ही उंगली को थामकर चलना सिखाया
वो हाथ एक है
आंसुओं को पोछा
वो आंचल एक है
लूटा दिया स्नेह और प्यार
वो ममता एक है
फिर बेटा तू तो है अपना
बेटी पराया धन क्यूं है???
By Sunita Sharma

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