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Barso Se Saath Raha

May 8, 2023
2 min read

By Parul


बरसो से साथ रहा, इस साथ ने ही हमें ये आज दिया।

तुम भी यही रही मैं भी यही रहा,

दुनियादारी में हमने कितना लंबा वक़्त गुज़ार दिया।


सोचा नहीं था, ना ही सोच के चले थे हम दोनों।

दो फूलों ने मिलकर कितना अच्छा बागबां संवार दिया।


मैं खुश हूं तेरा साथ है।

तेरा साथ मेरे लिए कितना खास है।

ज्वार भाटे सी जिंदगी में।

अपना मिलना हैरत की बात है।

ये अलग बात है क्या किया ,क्या ना किया।

बीतते लम्हों के साथ तुम्हे मेरे और मुझे तेरे पास ला दिया।


दरवाजे खटकते रहे ,मेहमान आते रहे।

कभी सुख तो कभी गम हमें सताते रहे।

फिर भी मोहब्बत बनी रही,हम बढ़ते रहे।

देखो आज किस्मत ने हमें कौनसे मुकाम पर ला दिया।

दुनियादारी में हमने कितना लंबा वक़्त गुज़ार दिया।


तुम्हारा होना कितना जरूरी था आज कोई मुझसे पूछे।

तुम ना होते तो बात अलग होती लेकिन आज हो तो सुकून का प्याला पिला दिया।

हमारे बागबान ने हमें ये किस हसीन मुकाम पर ला दिया।



साथ साथ बूढ़ा होना तेरे साथ कितना अच्छा रहा।

कभी तू मुझसे नाराज़ रही कभी मै तुझे मनाता रहा।

शुक्रगुजार रहूंगा मैं इस कायनात का।

इसने हमें जो भी दिया अच्छा दिया।

तुझे मुझसे और मुझे तुझसे मिला दिया।

जश्न हो एक बार फिर से,

मैं तुझे देखू और तू मुझे।

देखना हमसे जुड़ी कहानियां

एक पल के लिए सामने आ जाएगी।


जो भी बीता इस दौरान हमारी जिंदगी में।

वो सारी यादें एक एक कर याद आएगी।


कैसे तुम मुझसे मिले,

कैसे मैं तो तू मिलकर हम हुए।

कैसे एक मकां को हमने घर बनाया

कैसे इस घर के आंगन में छोटे पैरो ने तांडव रचाया।

कैसे हम झेलते रहे जिंदगी के झमेले।

कैसे हमने मिलकर ये सब समेटे - बिखेरे।


आओ मेरे साथ एक बार हम इस चक्रव्यूह से बाहर आए।

मेरे साथ तुम रही दुनिया हम ताक पर रख आए।


ये झुर्रियां नहीं वक़्त के निशान है।

ये बताती है के उम्र कितनी महान है।

वो साथ हमारा आज तक बना रहा

एक घर से शुरू किया था देखो

आज अपने कितने मकान है।

ये प्यार ही रहा था हमारे बीच जिसने ये सब बना के दिया।

पहले हम दो थे आज हम परिवार है।

इसी तरह चलते चलते हमने एक दूसरे को संभाल लिया।


By Parul




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