Ab Bhi Waqt Hai Ghar Laut Aana
By Aditya Kumar
कहीं खो गए हो तुम लौट आओ की साँसें गिनना अब -भी बांकी है
बहुत ढूंढा तुम न मिले हाँ सफ़ेद चादर से ढका कोई मिला था ज़रूर .. नज़दीक जा कर देखा पर वहां सिगरेट के धुंए झाँक रहे थे हाथ टटोला तो कुछ चुभा शराब की टूटी बोतलें मिलीं
ज़िद्द थी की ज़िन्दगी के करीब लाऊंगा तुम्हे चादर उठा डाला ,पर वहां तुम न थे कुछ झूठ के ढेर पड़े थे और कुछ रिश्ते मुरझाये गड़े थे
ध्यान से देखा तो नज़रें चुराती आँखें एक धुंदले चेहरे में नम थी चेहरा बदल सा गया है जिसे ढूंढ़ने आया था वह कहीं खो गया है
काशकीतुम्हारीज़िन्दगीसिर्फतुमसेजुडीहोती
काशकेसाखकेपत्तोंकेकोईजड़नहोते
काशकीजड़सेतुमयूँजुड़ेहोते
कीकोईनशीलीआंधीतुम्हेउड़ानलेजाती
बसेंबसायेघरोंदेवीराननकरजाना
अबभीवक़्तहै ,घरलौटआना .
By Aditya Kumar

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