शायद
Updated: Dec 6, 2022
By Purvi Agarwal
कहा था तुमसे मैंने
की जब बदल जाओगे
तो बता देना
फिर क्यों नहीं बताया तुमने मुझे?
हाँ! भूल गए होंगे
शायद
कहा था तुमसे मैंने
नहीं समझ आता मुझे
यूँ किसी का अचानक से बदल जाना
रोज़ रोज़ बातें करते करते
एक लफ्ज़ के लिए तरस जाना
फिर क्यों नहीं बताया तुमनें मुझे?
हाँ! भूल गए होंगे
शायद
कहा था तुमसे मैंने
की मेरी कोई बात पसंद ना आए
तो बता देना मुझे
लड़ लेना, डाँट देना
पर, बता ज़रूर देना मुझे
यूँ नाराज़ होकर
रूठ कर मत जाना
बस, बता देना मुझे
फिर क्यों नहीं बताया तुमनें मुझे?
हाँ! भूल गए होंगे
शायद
कहा था तुमसे मैंने
की जब कोई और पसंद आ जाए
तो बता देना मुझे
ना लगे मेरी बातें तुम्हें अच्छी
तो बता देना मुझे
जो अब है तुम्हारे पास
उसकी बातें शायद ज़्यादा अच्छी है
शायद तुम्हारा ध्यान भी ज़्यादा रखती है
शायद ज़्यादा प्यार भी करती है
शायद उसे तुम्हें मनाना भी आता है
पर बता तो देते मुझे
हाँ, भूल गए होंगे
शायद
इस शायद ने मुझे
उलझा सा रखा है
शायद तुम वापस आ जाओ
इस बात ने मुझे फुसला सा रखा है
खैर
जो भी था
जो भी है
बता तो देते
इस पागल दिल को थोड़ा
बहला तो देते
हाँ, शायद इसीलिए नही बताया तुमने मुझे
शायद पता हो तुम्हें सब
शायद सब भूल गए होंगे
हाँ! शायद ।।
By Purvi Agarwal

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