वक्त
By Pranjali Gautam
खुब दिया है, वक्त ने हमें
उम्मीद, समझौता, अहसास
.......और काफी कुछ !
ठोकर लगी और
संभलना सीखा ,
वो तो वक्त का
तकाजा था।
खुशियाॅं बटोरी राहों से
वो भी वक्त का ही
फलसफा था।
उम्मीदों के पनपते साॅंयेंभी
उसी वक्त का ही
नजरियाॅंं था।
गमों से किया
समझौता
वो भी तो वक्त का ही
सिखाया था।
मतलब कि दुनिया और
फितरतें कमज़र्फ
उसी वक्त का ही
समझाया था।
खुशियों के पल
गमों से ओझल
वो भी वक्त का ही
दिखाया था।
By Pranjali Gautam

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