मौसम
By Preeti Bansal
कुछ ऐसा है मौसम आज सुहाना
ऐ दोस्त, तुमसे मिले हुए हुआ जमाना
दिल की बेचैनियां बढ़ती जाए
पल पल कमज़ोर करती जाए।
ये मौसम का जादू है या नशा है तुम्हारा
तुम्हारी है उम्मीद या तुम ही हो सहारा
जिंदगी कुछ गमगीन सी हो गई
तुम्हारी छवि इस ज़िंदगी में कुछ अहम सी बन गई।
By Preeti Bansal

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