बादल
Updated: Jun 1, 2023
By Ankita Garg
कभी-कभी दिल में आता है कि बादलों से पूछू उनका हाल,
इंतज़ार रहता है हमें उनके बरसने का पुरे साल,
पर सोचता हूँ कि क्या सच में बादल उदास होते हैं इतने कि रुकते नहीं आँसू उसके,
कभी तो मुस्कुराता रहता है धूप की शकल में और कभी इतनी उदासी छाई रहती है मिजाज़ में उसके,
बादल क्यों दुखी होता होगा क्या गर्लफ्रेंड या बीवी से उसका भी झगड़ा होता होगा,
अब मिलेगा तो ज़रूर सलाह दूंगा कि मेडिटेट कर और ज्वॉइन कर योगा,
दुख क्या है उसको मैं जनना चाहता जब बता पाएगा बैठ कर साथ,
बाँट लुंगा उसका सारा दुख और दर्द पकड़ लूंगा कसके उसका हाथ,
बादल यूं बरस्ता है कि अब जैसे आएगा ही नहीं कभी,
पर अगली सुबह उठा तो बरस रहा था वो वहीं,
कब शांत होता है वो सोच-सोच मैं हूँ परेशान,
देख भाल लूं ज़रा कहीं चोट का तो कोई नहीं है निशान,
ऐ बादल मेरे यार आ बैठ मेरे पास,
बाँटले अपने सारे दुख लेके मैं आया आस,
कोशिश रहेगी कि बाँट सकुं तेरा गम में,
कांधा दूँ तुझे आज अपना रोने को मैं...
By Ankita Garg

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