पिता
By Asha Jaisinghani
पिता तुम पिता हो
पिता ही रहना
कभी मां नहीं बनना
पिता तुम पिता ही रहना
तुम्ही हो जिसने परिवार के लिए
खीची लक्ष्मण रेखा
वरना मां का सह हिरदय तो
हर सीमा लांघने की
इजाज़त दे देता है
पिता तुम पिता हो पिता ही रहना
हर छोटी बड़ी बात पर
मां के कंधों पर रोना
अक्सर कमज़ोर बना देता है
पिता तुम पिता हो पिता ही रहना
रंग हो चाहे खिले - खिले
या हो काले पीले
तुममें हुनर है
नई तस्वीर उकेरने की
पिता तुम पिता हो पिता ही रहना
तुम न होते
तो पत्ता - पत्ता बिखर जाता
तुम पेड़ हो घरके आंगन का
पिता तुम पिता हो पिता ही रहना
पकड़ती है चौंच से तो वो
उड़ना तुम सिखाते हो
पिता तुम पिता हो पिता ही रहना
By Asha Jaisinghani

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