चकोर
Updated: Jun 9, 2023
By Tejash Burad
कहा है की…
हर अमावस की रातों में इन नज़रों को तेरा इंतज़ार होता है,
और जब तू नहीं होता तो सिर्फ़ बादलों का ही दीदार होता है,
तकती है नज़रे और इस मन में एक भोली सी चाहत होती है,
तेरे ही दीदार से इस कश्मकश भरी ज़िंदगी में राहत होती है,
फिर जीतने उथल-पुथल हो जीवन में तुझसे ही स्थिरता है,
वरना ये चंचल मन ना जाने कितने सोच-विचारों में फिरता है,
और इन ख़यालों में जीतने शोर है उनको ख़ामोश करता है तू,
जब चाँदनी रात में सितारों को अपने आग़ोश में भरता है तू ,
फिर तेरी ख़ूबसूरती को देख कर अक्सर मदहोश हो जाता हूँ,
इन बादलों को चिर कर जब तू दस्तक दे मैं बेहोश हो जाता हूँ,
यूँ कहने को तो आसमान है तेरा और सितारों का भी सहारा है,
मगर सच तो ये है की तू भी मेरी तरह सिर्फ़ तन्हाई का मारा है,
और बस एक तेरी रोशनी में ये अंधेरा भी पसंद करते हैं लोग,
फिर जो तू ना हो तो इसी अंधेरे से अक्सर डरते भी है ये लोग,
By Tejash Burad

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