गुरू
By Batulzakirhussain
वो एक जगह ठहर है जाते मिट्टी से मूरत बनाने को उम्मीदो की किरण जगाकर कभी - कभी थक कर है सोजाते वो हौसला देते नीचे नहीं गिराते
उठकर आगे बढ़ने की हिम्मत हमेशा हमको दिलाते वो खुद के ज्ञान की गंगा बहाने से नही कतराते राह सही बताकर उज्जवल हमारा भविष्य बनाते जो जिंदगी हमारी बनाते वो गुरु हमारे है कहलाते।
By Batulzakirhussain

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