उड़ान
- Hashtag Kalakar
- Dec 13, 2022
- 2 min read
By Y. Deepika
सबके सामने बात करने से लड़कियों को लगता है डर |
क्यों कि समाज को लगता है, उनके लग गये पर |
मान लिया कि पर लग गये,
लेकिन, क्या उड़ने कि सीख दिया गया और आसमान में जगह दिया गया?
ठीक है |
मान लिया कि, किसी ने आसमान में उड़ना सीख लिया,
तो क्या उसे उड़ने दिया गया ?
तो क्या उसे उड़ने दिया गया ?
किसी ने ऊपर से धक्का दिया,
तो किसी ने पैर पकड़ कर नीचे खींच दिया |
माना उनसे भी बचा लिया गया,
तो क्या उसे आराम से उड़ने दिया गया ?
तो क्या उसे आराम से उड़ने दिया गया ?
नहीं…
किसी ने गिरने का डर दिखाया,
तो किसी ने दूसरों कि सोच का डर दिखाया |
माना की किसी की भी सोच उनके उड़ने से कोई रिश्ता नहीं रखता फिर भी डराया गया |
ठीक है |
मान लिया कि उस सोच को भी पीछे छोड़ दिया,
तो क्या फिर भी उसे उड़ने दिया गया ?
तो क्या फिर भी उसे उड़ने दिया गया ?
नहीं…
किसी ने उसके इज़्ज़त को खोने का डर दिखया,
तो किसीने उसे उड़ने से रोकने के लिए कंधो पर और ज़िम्मेदारी डाल दिया गया |
ठीक है |
माना की उन ज़िम्मेदारियों को भी कम कर दिया गया,
तो क्या फिर भी उसे उड़ने दिया गया ?
तो क्या फिर भी उसे उड़ने दिया गया ?
नहीं
तब भी अपनों की इज़्ज़त को चोट पहुँचाने का ख्याल दिखाया गया,
माना वहां भी हिम्मत नहीं हारी और उड़ना चाहा, तो क्या उड़ने दिया गया ?
माना वहां भी हिम्मत नहीं हारी और उड़ना चाहा, तो क्या उड़ने दिया गया ?
नहीं…
उससे कहाँ कि उड़ने का उम्र चला गया,
अब नहीं उड़ा जाएगा |
ऐसे ही लडवा लडवा कर उसे थका दिया गया |
आखिर में उड़ने कि चाहत को ही तोड़ दिया गया |
By Y. Deepika

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