top of page

Waqt

Updated: Jun 3, 2023

By Shivani Prasad



वक़्त के साथ तखतो ताज बदल गए

बीसवीं शताब्दी से हम इकीसवीं शताब्दी में आ गए I

कल जहाँ हमारे हाथो में किताबे और भारी बस्ते होते थे

आज उन्ही हाथो में लैपटॉप और आईपैड होता है I

कल जहाँ हम बगीचे में खोखो , कबड्डी, पिट्टो खेलने में मस्त रहते थे

वहीँ आज हम वीडियो गेम , मोबाइल और कार्टून चैनल में गुम रहते है II

कल जहाँ चार दोस्त मिल के लुड्डो खेलते थे

आज वहीँ हम ऑनलाइन लुड्डो खेलते है I

कल जहाँ हम सुबह भक्तिगीत और मंत्रोच्चारण सुनते थे

वहीँ आज पॉप म्यूजिक और वेस्टर्न सांग्स सुनते है I

कल जहाँ पूरे कपड़े पहनना हम शालीनता समझते थे

वहीँ आज आधे अधूरे और छोटे कपड़े पहनना हम आधुनिकता समझते है II



कल जहाँ हमें फलो के बगीचे मिलते थे

आज वही फैक्ट्री और कम्पनीज दीखते हैं I

कल जहाँ लोग सादगी ,प्यार और मेलमिलाप से रहते थे

आज वहीँ लोग मतलबी हैं और अकेले रहते हैं I

कल जिन दोस्तों से मिलने के लिए वक़्त ही वक़्त होता था

आज उनसे मिलने के लिए हम अपना केलिन्डर देखते हैं II

पर वक़्त एक ऐसा चक्र हैं जो कभी रुकता नहीं है

अपनी रफ़्तार से घूमता और चलते रहता है I

वक़्त के साथ तखतो ताज बदल गए

बीसवीं शताब्दी से हम इकीसवीं शताब्दी में आ गए II


By Shivani Prasad



43 views4 comments

Recent Posts

See All

Maa

By Hemant Kumar बेशक ! वो मेरी ही खातिर टकराती है ज़माने से , सौ ताने सुनती है मैं लाख छुपाऊं , वो चहरे से मेरे सारे दर्द पढती है जब भी उठाती है हाथ दुआओं में , वो माँ मेरी तकदीर को बुनती है, भुला कर 

Love

By Hemant Kumar जब जब इस मोड़ मुडा हूं मैं हर दफा मोहब्बत में टूट कर के जुड़ा हूं मैं शिक़ायत नहीं है जिसने तोड़ा मुझको टुकड़े-टुकड़े किया है शिक़ायत यही है हर टुकड़े में समाया , वो मेरा पिया है सितमग

Pain

By Ankita Sah How's pain? Someone asked me again. " Pain.." I wondered, Being thoughtless for a while... Is actually full of thoughts. An ocean so deep, you do not know if you will resurface. You keep

4 Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
Unknown member
May 20, 2023

Good

Like

Prachi kad
Prachi kad
May 20, 2023
Rated 5 out of 5 stars.

Very well potreyed..

Like

Divya Shahi
Divya Shahi
May 20, 2023

Heart touching lines beautiful ❤️😍😍😍😍😍

Like

Divya Mukta
Divya Mukta
May 20, 2023
Rated 5 out of 5 stars.

Such a nice meaningful and beautiful poem by shivani .keep it up.

Like
bottom of page