Poem
Updated: Sep 16, 2025
By Satyendra Kumar
मैं चाहता हूँ लिखना
तुम्हारा नाम समय के पंखों पर
जिसकी उड़ान कभी ख़त्म न हो
मैं चाहता हूँ तुम्हें
ख़ुश देखना जीवन के
आज कल में
मैं चाहता हूँ तुम्हें नाम करना
अपनी सारी खुशियाँ
और तुम्हें ख़ुश देख कर
मेरी सारी उम्र कट जायेगी
मैं चाहता हूँ क़ैद करना
तुम्हारे होठों की मुस्कान
जो मेरे दिल में संगीत की तरह
ढ़ेरों राग पिरोते हैं
मैं चाहता हूँ सजाना
तुम्हारे निर्मल मन को
प्रेम और स्नेह की रंगोली से
जो तुम्हारे तन मन में
नई उमंग की
लहर पैदा करे
मैं चाहता हूँ समाहित करना
उस निष्ठावान प्रेम को
जो तुम्हारे हृदय में
निस्वार्थ वास करता है
मैं चाहता हूँ चलना
साथ साथ
जीवन पथ पर
ना एक कदम आगे
ना कदम पीछे
किंतु समानांतर
जैसे सरिता की प्रत्येक धारा
सतत प्रवाह के लिए
सप्रेमचलतीहैसाथसाथ ....
By Satyendra Kumar

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