Hope
Updated: Jun 3, 2023
By Arushi Sharma
कश्ती को गहराई में उतरते देखा है,
बूँदों को समुद्र में बदलते देखा है,
सूरज को धरा पर पिघलते देखा है,
चाँद को अंबर में समाते देखा है,
पत्थरों को नायाब तराशते देखा है,
चिंगारी को आग में उफनते देखा है,
इंसानों को सितारों में बदलते देखा है,
रूकसती के बाद भी नाम अमर होते देखा है ॥
By Arushi Sharma

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