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हॉय...

Jun 13, 2024
1 min read

Updated: Oct 4, 2024

By Ankur Kumar Tiwari



गौर करो तो हॉय,

तेरे हर सवाल पर हां आये,

फकत दिल-ए-नादान रखा है रक़ीब के पास,

उस पर भी तिरछी नज़रों से वार हॉय...

अच्छा है जान्ना की घायल हूं,

मगर दर्द तेरा ऐहसास से बढ़ाना, हॉय...

कि ये अंदाज-ए- हया ये तबस्सुम तेरा,

ख़ामोश नज़रों से सब कुछ कहना,

और कभी बात कहीं बिगड़ जाए,

तो तेरी झुकी नज़रें, हाय...


By Ankur Kumar Tiwari



 
 
 

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