सफर
By Batulzakirhussain
ये सफर भी एक सफर है हर राह पर किसी मंजिल बसी है कोई भटक रहा है, कोई घूम रहा है कोई खोज रहा है, कोई पा रहा है कितने आहट सुनी, तो किसी राहत पाई ये सवालो का दरिया, तो किसीके जवाबो का हल
कोई ढूंढ रहा है, कोई खो रहा है, किसी ने हासिल की है, किसी गावा दिया है। ये जिंदगी का सफर है, यह हर राह में किसकी मंजिल बसी है।
By Batulzakirhussain

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